मात्र 7 साल की बच्ची: स्केटिंग के साथ भारत नाट्यम में बनाई इंडिया बुक रिकार्ड्स में स्थान

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Devanshi

ये बात सौ प्रतिशत सत्य है कि अगर आपमें कुछ करने की ललक हो तो आपकी उम्र कोई मायने नही रखती है आज ऐसी ही छोटी बच्ची से हम आपको मिलवाएंगे जो सिर्फ उम्र में छोटी है उनके हौसले काफी बड़े है।

देवशी अग्रवाल का परिचय-

देवशी अग्रवाल मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की रहने वाली है उनके पिता मुकेश अग्रवाल बिजनेसमैन मैन है। देवशी वैसे तो मात्र 7 साल की है परन्तु उनके कार्य बहुत बड़े है, इस छोटी सी उम्र में उन्होंने स्केटिंग के साथ भरतनाट्यम डांस करके अपना नाम “इंडिया बुक रिकॉर्ड” में शामिल करवाया है।

देवशी की माँ पूर्वा अग्रवाल ने बताया कि कैसे उनकी 2सरी कक्षा में पढ़ने वाली होनहार बेटी ने स्केटिंग के साथ भरतनाट्यम डांस किया कर अपने परिवार का नाम रौशन किया।


बचपन से ही डांस में रही रुचि-

पूर्वा कहती है की उनकी बेटी की कला भगवान की देन है उनकी बेटी मात्र 3 साल की थी तब उन्होंने इस बात और गौर किया देवशी को डांस में बहुत रुचि है, पूर्वा खुद भी एक नृतिका है इसलिए उन्होंने अपनी बेटी को बढ़ावा दिया और उसे खुद तैयार किया।

पूर्वा ने समय निकालकर अपनी बेटी को तैयार किया और भरतनाट्यम के गुर सिखाए, उनकी मेहनत रंग लाई और जल्दी ही देवशी प्रॉफेशनल डांसर की तरह डांस करने लगीं। देवशी ने अपने स्कूल में कई डांस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और इनाम जीत कर अपने परिवार का नाम रौशन किया। देवशी अपनी कला कर लिए राज्य के अलग-अलग मंचो पर सममानित भी की जा चुकी है।

स्केटिंग के साथ किया भरतनाट्यम-

पूर्वा ने भरतनाट्यम को एक नए तरह से पेश करने के बारे में सोचा जिसके लिए उन्होंने पहले अपनी बेटी को स्केटिंग सीखने के लिए प्रोत्साहित किया उसके बाद उन्होंने स्केटिंग के साथ देवशी को भरतनाट्यम करना सिखाया। देवशी ने अपने भाई से स्केटिंग सीखी और वो करके दिखा दिया जो किसी ने सोचा नही था।

पूर्वा कहती है कि उनकी बेटी उनके इलाके की शान है कोरोनकाल में उन्होंने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए देवशी के नाम का आवेदन किया था। वो बताती है कि सारी प्रक्रिया ऑनलाइन ही हुई 3-4 बार उन्होंने देवशी की वीडीओ इससे संबंधित लोगों के पास भेजे, खुशी की बात ये है कि उनकी बेटी सभी मानकों पर फिट बैठी और देवशी के नाम सबसे कम उम्र में स्केटिंग के साथ भरतनाट्यम डांस करने वाली बच्ची के रूप में इंडिया बुक रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।

एशिया बुक रिकॉर्ड में भी नाम हुआ दर्ज-

पूर्वा कहती है कि देवशी का नाम एशिया बुक रिकॉर्ड में भी दर्ज हो गया है, पूर्वा कहती है की उन्हें खुशी है की जब देश की बेटियां ओलिम्पिक में मेडल जीत कर देश का नाम रौशन कर रही है उस दौर ने उनकी छोटी सी बेटी ने अपनी कला से सबका दिल जीत लिया है।

हम देवशी की कला को सराहते है साथ ही साथ उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं भी देते है।

अनामिका बिहार के एक छोटे से शहर छपरा से ताल्लुकात रखती हैं। अपनी पढाई के साथ साथ इनका समाजिक कार्यों में भी तुलनात्मक योगदान रहता है। नए लोगों से बात करना और उनके ज़िन्दगी के अनुभवों को साझा करना अनामिका को पसन्द है, जिसे यह कहानियों के माध्यम से अनेकों लोगों तक पहुंचाती हैं।

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