पुरानी जीन्स से प्रोडक्ट बनाकर बिहार के सिद्धार्थ हर साल कमाते हैं 1.5 करोड़ रुपये, जानिए कैसे

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sidhant from munger is making eco friendly products of unused jeans

अगर हमे अपने पर्यावरण की रक्षा करनी है तो हमे पुरानी चीजों को इस्तेमाल करने की आदत होनी चाहिए, आज हम आपको बिहार के एक ऐसे लड़के के बारे में बताएंगे जो 6 सालों से ऐसा कर रहे है पर्यावरण की रक्षा करने के लिए।

सिद्धान्त का परिचय-

सिद्धान्त बिहार के मुंगेर के रहने वाले है, आपको बता दे कि सिद्धान्त 6 वर्षों से जीन्स को अप-साईकल करके पर्यावरण की रक्षा कर रहे हैं और हैंड मेड कपड़ो का भी निर्माण कर रहे है। इसके साथ ही वो हर साल पर्यावरण की रक्षा करने के साथ-साथ 1.5 करोड़ रुपये की कमाई भी कर रहे है।

400 वैरायटी का करते है निर्माण-

आपको बता दे कि सिद्धान्त की टीम 400 से अधिक प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर रही है उनके प्रोडक्ट की देश के साथ-साथ विदेशो में भी काफी मांग है। उनकी टीम पुरानी जीन्स या पुरानी चीज़ो को अप साईकल करके उस से नई चीज़ो का निर्माण करती है।

सिद्धांत एक मिडिल क्लास परिवार से आते है उन्होंने IIT मुम्बई से मास्टर्स डिग्री ली है उसके बाद उनकी नौकरी हो गयी बेंगलुरु की एक कंपनी में परण्टी वहाँ उनका मन नही लगा औऱ वो वापस दिल्ली आ गए।

अपना स्टार्टअप शुरू किया-

दिल्ली आने के बाद सिद्धान्त ने अपना स्टार्टअप शुरू किया जिसके द्वारा वो बच्चो के लिए एजुकेशनल गेम तैयार करते थे, वैसे तो उन्होंने बहुत सारे गेम डिज़ाइन किए परन्तु अब उन्होंने इस काम को छोड़ कर अपनी जीवनशैली में बदलाव कर लिए हैं।

सिद्धान्त कहते है कि जब वो दिल्ली आए तो वो किराये के मकान में रहते थे वहाँ उन्होंने अपने कमरे को जीन्स से सजाया और कुछ डिज़ाइन भी बनाए। आगे वो कहते है कि जब उनके दोस्त या रिस्तेदार उनके घर आते तो उनके प्रोडक्ट की खूब तारीफ करते और साथ ही साथ खुद के लिए बनाने का भी आग्रह करते थे। सिद्धांत का कहना है कि जो भी उनसे प्रोडक्ट की मांग करते वो उन्हें उपहार में दे देते थे बना के।

साल 2015 में उन्होंने मात 50 हज़ार रुपये से अपना स्टार्टअप शुरू किया एक मॉल मर सटॉल लगा कर, सिर्फ तीन दिन में ही उनके सारे प्रोडक्ट बिक गए जिससे वो बहुत प्रोत्साहित हुए और अपना बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा। उन्होंने “डेनिम डेकोर” के नाम से अपनी कंपनी की शुरूआत की और इसे रेजिस्टर करा कर इसके मार्केटिंग में लग गए।

मशीनों और हाथों से करते है निर्माण-

सिद्धांत की टीम साईकल, वॉच, कार, बोत्तल, पर्स या बैग होम डेकोरेशन और प्रतिदिन उपयोग में लायी जाने वाली सामग्री बनाती हैं, इसके साथ ही उनकी कंपनी घर और आफिस का इंटीरियर डिज़ाइन भी करती है उनकी कंपनी हर उस चीज़ डिजाइनिंग करते है जो घर मे उपयोग होता है।

वो कहते है कि पुराने जीन्स के लिए उन्होंने कबाड़ वाले से संपर्क किया इसके साथ ही कुछ जीन्स वो लोगो के घरों पर लेने जाते है, आपको बता दे कि कुछ प्रोडक्ट का निर्माण मशीनों से होता है तो कुछ प्रोडक्ट का हाथों से। आज उनकी कंपनी के मार्केटिंग के लिए उनसे बहुत सारे डीलर और रिटेलर्स जुड़े है, आप उनके प्रोडक्ट अमेज़ॉन और फ्लिपकार्ट से भी खरीद सकते है, सिद्धांत के इस कार्य की वजह से बहुत से लोगो को रोजगार भी मीला हैं।

हम सिद्धांत की सराहना करते है की उन्होने पर्यावरण के बारे में इतना सोचा हमारी तरफ से उन्हें ढ़ेर सारी शुभकामनाएं।

अनामिका बिहार के एक छोटे से शहर छपरा से ताल्लुकात रखती हैं। अपनी पढाई के साथ साथ इनका समाजिक कार्यों में भी तुलनात्मक योगदान रहता है। नए लोगों से बात करना और उनके ज़िन्दगी के अनुभवों को साझा करना अनामिका को पसन्द है, जिसे यह कहानियों के माध्यम से अनेकों लोगों तक पहुंचाती हैं।

14 COMMENTS

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    şu şekilde düzenleniyor. Miras payı üzerinde
    sözleşme. Madde 677- Terekenin tamamı veya bir
    kısmı üzerinde miras payının devri konusunda mirasçılar arasında yapılan sözleşmelerin geçerliliği yazılı şekle bağlıdır.
    Bir.

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