MBA की नौकरी छोड़ शुरु किया ऑर्गेनिक फार्मिंग, अब 18 देशों के लोगों को सिखाते हैं खेती के गुण

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Bundelkhand MBA farmer Prem Singh doing organic farming

जैसा कि हम सब जानते है कि आज के दौर में लोग पढ़ाई के मामले में बहुत आगे पहुंच गए है। आज के समय में कंपटीशन बहुत बढ़ गया है। लोगों को बहुत प्रयास करने के बाद भी नौकरियां नही मिल पाती। हालाकि सरकार द्वारा हर साल कई नौकरियां उपलब्ध कराई जाती है। परंतु हमारे देश की आबादी भी बहुत जायदा है। और कंपटीशन का लेवल भी बढ़ गया है। जिसके कारण बहुत लोग पीछे रह जाते है। परंतु कुछ लोग ऐसे भी होते है जिन्हे नौकरी मिल जाती है। परंतु किसी कारण वश वह नौकरी नहीं करना चाहते। ऐसे में लोग अपने स्टार्टअप के बारे में सोचते है। क्योंकि लोगो को लगता है कि जितना वह नौकरी करके कमा रहे है। उतने में वह अपने कारोबार से भी कमा सकते है। तो वह अच्छी खासी नौकरी छोड़कर अपना कारोबार शुरू करते है। या फिर कई लोगो को खेतीबाड़ी का बहुत शौंक होता हैं तो लोग पढ़ लिखकर नौकरी करने के बाद भी खेतीबाड़ी करने की सोच रखते है। आज हम बात करेंगे एक ऐसे ही शख्स की जिन्होंने एक अच्छी खासी नौकरी छोड़कर खेतीबाड़ी करने की सोची।

**कौन है वह शख्स…..

जिनकी आज हम बात करने जा रहे हैं, उनका नाम है प्रेम सिंह। यह बड़ोखर खुर्द गांव के रहने वाले है। इन्होंने इलाहाबाद की यूनिवर्सिटी से अपनी एमबीए की डिग्री हासिल की है। और उसके बाद इन्हे एक अच्छी खासी नौकरी भी मिल गई थी। परंतु उस नौकरी में उनका मन नहीं लगता था। तो शुरू से ही उनकी रुचि खेतीबाड़ी में थी। जिसका उन्होंने नौकरी छोड़कर शुरू करने का विचार बनाया। और कुछ समय बाद नौकरी छोड़कर खेती बाड़ी करनी शुरू करदी। उन्हे खेती बाड़ी करना बहुत अच्छे से आता था। यही ही नही उन्होंने खेती बाड़ी की कई नई तकनीक भी अपनाई जिसका फायदा भी हुआ और सभी खेत हरे भरे हो गए। खेती बाड़ी की तकनीके उन्हे इतने अच्छे से आती थी। कि सभी गांव वाले उनसे खेतीबाड़ी की तकनीके सीखने आते थे।

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**क्यू छोड़ी नौकरी……

सभी लोगो की तरह प्रेम को भी एमबीए की डिग्री हासिल करने के बाद नौकरी करनी थी।जिसमे वह सफल भी हुए। उन्हे एक अच्छी खासी नौकरी मिली हुई थी। परंतु उस नौकरी में उनका मन नहीं लगा। और उन्होंने यह भी सोचा की नौकरी वह लोग कर रहे है जिनके पास दूसरा कोई कमाने का जरिया नही है। परंतु उनके पास तो बहुत जमीन है। जिसमें वह खेतीबाड़ी कर अच्छा पैसा कमा सकते है। तभी वह अपनी अच्छी खासी नौकरी को छोड़कर अपने गांव वापिस लौट आए। जहा उन्होंने अपनी जमीन पर खेतीबाड़ी की शुरुवात करनी थी। वैसे भी नौकरी करना आसान नहीं है। हर समय अपने से किसी ऊपर वाले की बाते सुनना हर किसी के बस की बात नही होती है। तभी बहुत लोग अपने ही कारोबार के बारे में सोचते है।

Bundelkhand MBA farmer Prem Singh doing organic farming

**शुरुवात की ऑर्गेनिक फार्मिंग की…..

जैसा की हमने पढ़ा कि प्रेम को विचार आया कि क्यू न वह अपनी नौकरी छोड़कर खाली जमीन का उपयोग करे। वह अपनी नौकरी छोड़कर गांव वापिस लौट आएं। जिसके बाद उन्होंने अपनी 25 एकड़ जमीन पर ऑर्गेनिक फार्मिंग करने का फैसला किया। जिसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी जमीन पर ऑर्गेनिक फार्मिंग करनी शुरू भी कर दी। वह 30 साल से ऑर्गेनिक फार्मिंग कर रहे है। जिसके साथ साथ उन्होंने ऑर्गेनिक फार्मिंग करने की कई नई तकनीक भी निकाली है। जो कि बहुत फायदेमंद है। इन सभी तकनीकों को सीखने के लिए प्रेम सिंह से अपने गांव के अलावा बाकी अन्य गांव के भी कई लोग ऑर्गेनिक फार्मिंग की नई तकनीक सीखने आते है। यह सब सीखने के लिए उनके पास लोगो की भीड़ लगी रहती है।

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**प्रेम सिंह की सिख……

प्रेम सिंह खेतीबाड़ी के बारे में जानकारी देते हुए कहते है कि हमारे देश में बहुत पुराने समय से ही ऑर्गेनिक फार्मिंग चलती आ रही है। लोग आज शहरों में नौकरी करने के लिए खेतीबाड़ी से भी दूर भाग रहे हैं। साथ ही साथ पशुओं की सेवा भी कोई नही करना चाहता। जब कि पशुओं का पालन करना बहुत पुण्य का काम होता है। साथ ही साथ इसके बहुत फायदे भी हैं। वह बताते है कि आज कल मार्केट में बहुत से केमिकल आने लगे है। खेती करते समय फसल को जब कीड़ा लग जाता है तो लोग खेतो में उन केमिकल्स का इस्तेमाल करना पसंद करते है। जब कि वह हमारी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। पहले के समय में लोग फसल में कीड़ा हटाने के लिए चूल्हे की राख का इस्तेमाल करते थे। जिससे फसलों को कोई नुकसान नहीं होता था।

**अवर्तनशील खेती……

प्रेम सिंह ने एक नए तरीके की खेती की थी। जिसके लिए वह जाने जाते है। उन्होंने जमीन के तीन हिस्से किए। जिसमे से एक हिस्से में उन्होंने पशुओं का पालन किया। दूसरे हिस्से में पशुओं के खाने का इंतजाम किया। और तीसरे में उन्होंने खेती की। उनकी यह तकनीक बहुत प्रसिद्ध हुई। और लोग अन्य देशों से भी इनकी इस तकनीक के बारे में पूछने आते थे। अब तक वह कई देशों के लोगो को इस तकनीक के बारे में सीखा चुके है। इनकी इस तकनीक से बहुतों को फायदा मिला हैं क्योंकि ऑर्गेनिक फार्मिंग पुराने समय से चलती आ रही है और इसके कई फायदे है।
ऑर्गेनिक फार्मिंग से खतरा बहुत कम होता है। जहा आज कल के लोग मार्केट से कई केमिकल खरीद कर खेती करते है। जो फसल के लिए सुरक्षित नहीं होते। ऑर्गेनिक फार्मिंग के कई फायदे है। इससे फसलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। इसलिए हम सभी को इसे अपनाना चाहिए।

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