कूली के बेटे ने इडली-डोसा बेचकर खड़ी कर दी 100 करोड़ की कम्पनी, कई लोगों को रोजगार से भी जोड़ा

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Coolies Son PC Mushtafa established 100 crore company

अक्सर हम लोग सुनते आए हैं की हर इंसान का वक्त एक जैसा नही रहता हैं क्युकी कहा जाता है की कोई इंसान जन्म से अमीर होता हैं तो कोई इंसान अपनी किस्मत खुद बनाता हैं। लेकिन हर किसी का वक्त एक न एक दिन जरूर बदलता हैं। क्युकी कहा जाता हैं की मेहनत करने वालो की कभी हार नही होती। लेकिन अपनी किस्मत बनाने के लिए भी इंसान को अपने जीवन में कही संघर्ष और कही परिस्थितियों का सामना करना पड़ता हैं क्युकी कामयाबी कभी भी आसानी से हासिल नहीं होती। इसके लिए हमे अपनी लगन और मेहनत से काम करना पड़ता। आए दिन हम कही ऐसी कहानियां सुनते है।जिसमे लोग के वक्त इस तरह बदले की उनकी पूरी जिंदगी सुधर जाती हैं। इसलिए हर इंसान अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा या उसे बदलने के लिए नए नए तरीके आजमा कर जिंदगी को बदलना चाहता है क्युकी कहा जाता हैं अगर कोई इंसान गरीब पैसा होता है तो उसमे उसका कोई दोष नही। लेकिन अगर वही इंसान गरीबी में ही मर जाता है तो सबसे बड़ा दोष उसी का हैं क्युकी जिंदगी हर इंसान को एक मौका हमेशा ऐसा देती हैं जिसमे हम अपनी जिंदगी को पलट सकते हैं लेकिन उस आए अवसर को हम किस नजरिए से देखते हैं ये हम पर निर्भर करता हैं।

आज हम आपको एक ऐसा युवा की कहानी बताएंगे। की एक ऐसा युवा जो एक समय पे इडली डोसा बेच कर काम करता था लेकिन आज वह अपनी मेहनत से करोड़ो की कंपनी का मालिक है आइए जानते हैं इनकी कहानी……..

**कौन है वह युवा…….

आज हम जिसकी बात कर रहे है उस युवा का नाम पीसी मुस्तफा (P C Mustafa) है। जो केरल (Kerala) के वायनाड (Waynad) के चेन्‍नालोडे (Chennalode) में रहते है इनकी कहानी कुछ ऐसी है जिसे लोग को अपनी जिंदगी में इनके संगर्शवोर इनकी मेहनत से काफी प्रेरणा मिलेगी। क्युकी पीसी मुस्तफा जो बेहद ही मामूली परिवार से तालुक रखते थे। इनके घर की स्थिति इतनी खराब थी की इनके पास ढंग से पढ़ने के लिए पैसे तक नही थे। लेकिन इनका जुनून कुछ ऐसा था की इन्होंने कभी भी किसी परिस्थिति को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। इनके पिता जो पेशे से एक कुली थे। जो काम कर घर खर्च चलाया करते थे। घर के हालात काफी गंभीर होने पर पीसी मुस्तफा जो पढ़ना तो चाहते थे लेकिन पढ़ नही पाते थे। लेकिन पीसी मुस्तफा ने हमेशा अपने जीवन में आई परिस्थिति को हमेशा डट के उसका सामना किया।

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**सफर था काफी मुश्किल……

हर इंसान की जिंदगी में सफल होने के बाद कोई न ना कोई कामयाबी की कहानी जरूर होती हैं ऐसे ही पीसी मुस्तफा की भी कामयाबी काफी मुश्किल का सामना कर मिली हैं क्युकी जैसे की हमने आपको बताया की इनके लिए पढ़ना भी काफी मुश्किल हो गया था क्युकी यह बचपन से अपने घर में सिर्फ गरीबी ही देखते आए है जिसके चलते स्कूल के बाद वह घर आकर अपने पिता के हाथ बटाने में लग जाते थे जिससे वह अपनी पढ़ाई पर बिलकुल ध्यान नहीं दे पाते थे। लेकिन यह अपनी जिंदगी में हमेशा आगे बड़ते रहे। क्युकी उन्हे लगता था की एक न एक दिन उन्हे मंजिल जरूर हासिल होगी। जिसके बाद उन्होंने मन लगा कर पढ़ाई करनी शुरू की और 10 वी कक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया। लेकिन उनकी असल जिंदगी का सफर अब शुरू हुआ। क्युकी अब उन्हे कुछ ऐसा करना था जिससे वह अपनी एक अलग पहचान बना कर अपने माता–पिता को खुशी दे।

लेकिन पीसी मुस्तफा जिसके लिए यह सब करना आसान नहीं था। फिर भी वह अपने सफर में मंजिल की और चलते गए। जिसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी में कंप्‍यूटर साइंस में दाखिला लिया और खूब मन लगा कर अपनी पढ़ाई शुरू की। अब उनकी जिंदगी का रुख ऐसी जगह हुआ जहा उन्हे लगा की उन्हे उनकी मंजिल मिल चुकी है। काफी मेहनत और लगन के बाद मुस्तफा को अमेरिका के एक भारतीय स्‍टार्टअप मैनहैट्टन एसोसिएट्स में नौकरी मिल गई। जिसके बाद उन्हे लगा की उनका सफर खत्म हो चुका हैं। लेकिन उनकी किस्मत को उनकी यह नौकरी मंजूर नहीं थी।

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**छोड़ी नौकरी और हासिल की सफलता…….

जहा मुस्तफा को एक अच्छी खासी नौकरी मिली थी लेकिन मुस्तफा को वह अमेरिका में नौकरी अच्छी नहीं लगी। जिसके बाद उन्होंने अमेरिका से वापिस भारत जाने का सोचा। मुस्तफा जो बिना सोचे समझे अमेरिका से वापिस भारत लौट आए। जिसके बाद उनको जिंदगी का सफर फिर शुरू हुआ। लेकिन फिर से मंजिल को तराशना मुस्तफा के लिए थोड़ा मुश्किल था। लेकिन काफी सोच विचार मुस्तफा ने एक ऐसा दाव चला की उनकी हर तरफ चर्चा होने लगी। क्युकी उनके द्वारा की गई मेहनत से मुस्तफा जो आज करोड़ो की कंपनी के मालिक है।

मुस्तफा जो एक समय पर 25000 द्वारा की गए काम से आज करोड़ो रुपए की कमाई कर रहे हैं। उनकी कंपनी डोसा इडली के बनने वाले मिश्राब को बेचा करती थी। जिस कार्य में आज वह एक दिन के अंदर 50000 की सेल करते हैं। जहा एक समय था की मुस्तफा जो नौकरी करने के लिए ढूंढ रहे थे आज वही इंसान बेसहारा लोगों को नौकरी दे कर उनको जिंदगी सुधारने का काम रहे हैं।

11 COMMENTS

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