फसलों के मूल्य कम मिलने पर बहुत सारे किसान खुद ही कर रहे हैं अपनी फसल नष्ट:-जानें-

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cauliflower farming

हमारा देश की आधी आबादी खेती करती है।हमारा पूरा देश भी किसानों पे ही आश्रित है। वर्तमान स्थिती में भी किसान प्रदर्शन कर रहे है ठंड में।आज की किसानों की सबसे बड़ी समस्या ये है कि उन्हें अपनी फसल का सही मूल्य नही मिल पा रहा है जिससे आज अधिक़तर किसान त्रस्त है। और परेशानी में अपना फसल बर्बाद कर दे रहे हैं।

ऐसा ही वाक्य सामने आया हैं अमृतसर से एक किसान ने बहुत मेहनत से गोभी उगाई थी।परन्तु जब उन्हें मंडी में एक किलो गोभी के लिए मात्र 75 पैसे मिले तो गुस्से में उन्होंने में अपनी सारी फसल बर्बाद कर दी।

क्यों हुई परेशानी:-

ये परेशानी किसानों को इसलिए झेलनी पर रही है क्योंकि दिल्ली की सड़कें बंद है इसलिए अमृतसर और इसके आस-पास के इलाकों में सब्जी की कीमत में काफी गिरावट हुई है।इसी वजह से बहुत से किसानों ने गुस्से में अपनी खुद की फसल बर्बाद कर दी है।किसानों की मांग है की गेंहू की फसल के लिए जैसे MSP प्राइस मिलती है वैसे ही सब्जियों के लिए भी निश्चित हो।

किसान अजित सिंह ने किया फसल नष्ट:-

सराय नाम के बॉर्डर गांव के किसान ने भी गुस्से में अपनी फसल नष्ट की।अजित सिंह का कहना है कि उन्हीने अपने खेत मव फसल पर 30 से 40 हज़ार रुपए खर्च किये थे बीज खाद सब पे।अजित ने सोचा था कि उन्हें अपनी फसल से कम से कम 1 लाख तक मुनाफा होगा।

परन्तु किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।अजित सिंह बताते है कि पिछले साल उन्हें मंडी में गोभी के लिए 11 रुपये से 14 रुपये किलो तक मिली थी।परन्तु इस साल 1 रुपये से भी कम पैसे मिल रहे है मंडी में।इसलिए अजित सिंह ने गुस्से में हल चला दिया अपने ही खेतो पर।

ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि सब्जियों की ट्रैक दिल्ली नही पहुँच पा रहा है जिससे सारे सब्जियों के दाम गिर रहे है।

बिहार के भी किसान ने किया फसल नष्ट:-

ऐसा ही बिहार के समस्तीपुर के जिले के ओमप्रकाश यादव ने किया और अपनी बनी बनाई फसल को बर्बाद कर दिया ।ओमप्रकाश ने अपने 4 एकड़ जमीन में गोभी उपजाई थी।परन्तु मंडी में कम पैसे मिलने की वजह से गुस्से में उन्होंने अपनी सारी फसल बर्बाद कर दी ।इससे हमें ये पता चलता है कि हमारे देश मे किसानों की स्थिती कैसी है।

फलो की फसल भी की बर्बाद:-

सब्जियों के साथ साथ फलो का भी उचित दाम नही मिलने की वजह से किसानों ने फलो की भी फसल बर्बाद कर दी है।बंगलुरू में भी अप्रैल में बहुत सारे किसानों ने अपने खरबूज की फसल खेत मे इसलिए सड़ने के लिए छोड़ दी क्योंकि उन्हें फल का उचित दाम नही मिला मंडी में।ना ही उन्हें कोई गाड़ी मिली जिससे वो मंडी तक फल ले जा सके।

ऐसा ही एक कर्नाटक के किसान ने भी किया उन्हीने अपना 15 टन टमाटर फेक दिए क्योंकि उन्हें मंडी तक ले जाने कब लिए उन्हें कोई गाड़ी नही मिली।

Kheti trend उम्मीद करता है कि किसानों की सारी परेशानियां जल्द से जल्द खत्म हो और उन्हें अपने फसल के लिए मंडी में उचित मूल्य मिल सके।

अनामिका बिहार के एक छोटे से शहर छपरा से ताल्लुकात रखती हैं। अपनी पढाई के साथ साथ इनका समाजिक कार्यों में भी तुलनात्मक योगदान रहता है। नए लोगों से बात करना और उनके ज़िन्दगी के अनुभवों को साझा करना अनामिका को पसन्द है, जिसे यह कहानियों के माध्यम से अनेकों लोगों तक पहुंचाती हैं।

2 COMMENTS

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