किसान के बेटे ने 12 साल की उम्र टूटे फोन से कोडिंग सीख लर्निंग ऐप किया डेवलप, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

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Farmer's son kartik jakhar learned coding from broken phone at the age of 12

कहते हैं न, “प्रतिभा किसी उम्र तथा किसी जगह की मोहताज नहीं होती।”जी हां, इंसान में प्रतिभा किसी भी उम्र में या किसी भी जगह पर पनप सकती है। इस बात को सच साबित किया है, हरियाणा के रहने वाले 12 वर्षीय कार्तिक जाखड़ ने। इन्होंने महज 12 साल के कम उम्र में हीं अपने घर के एक टूटे हुए फोन से यूट्यूब पर कोडिंग करना सीखा और फिर लर्निंग ऐप को डेवलप किया। इनके द्वारा बनाए लर्निंग ऐप के जरिए 45 हजार से भी ज्यादा बच्चे मुफ्त में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

प्रतिभा जगह की मोहताज नहीं

कार्तिक जाखड़ (Kartik Jakhar) हरियाणा (Haryana) के झासवा गांव के किसान अजीत सिंह के बेटे हैं। कार्तिक तीन बहनों में सबसे छोटे हैं। इनके गांव में आज भी ज्यादा समय के लिए न तो बिजली रहती है और न हीं इनका घर कोई सुविधाओं से लैस है। इनके घर एक ऐसा मोबाइल था जिसकी स्क्रीन पूरी तरह से टूटी थी और उसी फोन से कार्तिक ने यूट्यूब पर कोडिंग करना सीखा था।

लॉकडाउन में सीखा मोबाइल पर कोडिंग

कार्तिक ने बताया कि, कोरोना महामारी के कारण देश में लगी लॉकडाउन के दौरान उन्होंने यूट्यूब पर कोडिंग करना सीखा था। चूकि इस दौरान सभी स्कूल बंद कर दिए गए थे जिस कारण घर पर हीं ऑनलाइन करना पड़ता था। इनके पिता ने भी ऑनलाइन क्लास करने के लिए इन्हे एक फोन दिलाया था और उसी पर इन्होंने कोडिंग करना तथा ऐप डेवलपमेंट के बारे में पढ़ा।

Farmer's son kartik jakhar learned coding from broken phone at the age of 12

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यूट्यूब पर वीडियो देखकर किया ऐप डेवेलप

कार्तिक ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर कोडिंग करके अपना खुद का ऐप डेवेलप किया। हालांकि इस दौरान उन्हे कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था। फोन बार बार हैंग कर जाता था, जिससे इन्हे बार बार कोडिंग करना पड़ता था।

बता दें कि, यूट्यूब पर हीं सेल्फ ट्रेनिंग लेकर उन्होंने तीन ऐप डेवेलप किया। उनका सबसे पहला ऐप जनरल नॉलेज के लिए है, जिसका नाम लुसेंट जीके ऑनलाइन है। वहीं दुसरा ऐप उन्होंने कोडिंग तथा ग्राफिक्स डिजाइनिंग के शिक्षा के लिए बनाया है और उसका नाम उन्होंने श्री राम कार्तिक लर्निंग सेंटर दिया है। उनका तीसरा ऐप डिजिटल एजुकेशन के लिए है, इसलिए उसका नाम उन्होंने श्री राम कार्तिक डिजिटल एजुकेशन दिया है। इस ऐप के जरिए वे एक संस्था से जुड़कर लगभग 45 से ज्यादा गरीब बच्चो को मुफ्त में ऑनलाइन शिक्षा दे रहे हैं।

गिनीज बुक में नाम हुआ दर्ज

कार्तिक ने इतनी कम उम्र में एक टूटे फोन के जरिए कोडिंग की शिक्षा प्राप्त की है, इसी के बदौलत उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया गया है। इसके अलावें उन्होंने चाईल्ड प्रॉडिजी अवॉर्ड, ओमएजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स आदि जैसे कई पुरस्कार है। उन्होंने सात अलग-अलग तरह के रिकॉर्ड ओमएजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किए हैं।

अमेरिका के हॉवर्ड यूनिवर्सिटी से कर रहे शिक्षा प्राप्त

कार्तिक ने अपने मेहनत के बदौलत अमेरिका के हॉवर्ड यूनिवर्सिटी के एंट्रेंस एग्जाम में सफलता प्राप्त कर स्कॉलरशिप प्राप्त किया है। वे वहीं से कम्प्यूटर साइंस से बीएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। उनका सपना अपने देश भारत को विकसित देशों में शामिल करने का है।

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