पिता-पुत्री की जोड़ी ने किया कमाल, एक साथ विमान उड़ाकर रचा इतिहास

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Father and daughter create history by flying Hawk 132

एक माता पिता अपनी जिंदगी में हमेशा अपने बच्चो को तरक्की की राह पर देखना चाहते है। हर माता पिता का यह सपना होता है कि जो शौंक वह पूरे नही कर पाए वो सब उनके बच्चे जरूर पूरे करें। और अगर बच्चे माता पिता के साथ एक ही फील्ड में काम करे तो वह भी उनके लिए खुशी की बात होती है परंतु इससे भी जायदा गर्व की बात उनके लिए तब होगी जब बच्चे उनकी पोजिशन से भी ऊपर पहुंच जाएं। वह समय माता पिता के लिए सबसे गर्व का समय होता हैं। उन्हे उस समय अपने बच्चो पर सबसे जायदा गर्व होता है। और यही से उन्हे पता लगता है कि उनके बच्चे लायक हो गए है। जरूरी नहीं है अगर बच्चे माता पिता की फील्ड में ही उनसे आगे निकले तभी वह गर्व महसूस करते है। किसी भी फील्ड में अच्छा नाम कमाने पर मां बाप को बहुत अधिक खुशी मिलती है। और उन्हे अपने बच्चो पर खूब गर्व होता है। बच्चे तरक्की की राह पर चलके अपनी एक अलग पहचान तो बनाते ही है। साथ में उनके माता पिता का सिर गर्व से ऊपर हो जाता है। वह पल सबके लिए अनोखा और खुशी का होता हैं। सबसे जायदा खुशी हमारे माता पिता को ही होती है। उस समय वह अपने शब्दो में खुशी या गर्व को बता नही सकते। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं होता। आज हम बात करेंगे एक ऐसे ही पिता और बेटी की जो एक ही फील्ड में एक साथ काम करते हैं। आइए जानते हैं, इनकी कहानी।

**पिता और पुत्री की जोड़ी…….

वायु सेना में 30 मई, 2022 को कर्नाटका में हॉक 132 विमान ने उड़ान भरी। जिसे पिता कमोडोर संजय शर्मा और बेटी फ्लाइंग ऑफिसर अनन्य शर्मा उड़ा रहे थे। यह पल उस पिता के लिए बहुत गर्व का समय था। जब वह और उनकी बेटी एक ही फील्ड में एक साथ काम कर रहे थे। उन्होंने अपनी एक साथ विमान के साथ एक फोटो भी ली थी। जो सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद वायरल हो गई। और पूरे देश को इनपर गर्व महसूस होने लगा। बताया जा रहा है के उनकी फोटो ट्विटर पर अपलोड की गई थी।जिसके बाद दुनिया उनकी पोस्ट को पसंद करने लगी। और पूरे देश को इनपर गर्व हुआ। ऐसा करके दोनो की जोड़ी ने एक नया इतिहास रचा है। और लोग अब उम्मीद लगा रहे है कि आगे भी उन्हे ऐसी जोड़ियां देखने को मिलेंगी।

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**मिशन…..

30 मई, 2022 को यह पिता पुत्री की जोड़ी ने कर्नाटका में बिदर से हॉक 132 विमान पर एक मिशन के लिए उड़ान भरी थी। उस मिशन में यह दोनो साथी थे। जिनपे एक दूसरे को पूरा भरोसा था। जब एक टीम या दो लोग किसी मिशन पर निकलते है तो वह एक साथ मिलकर काम करते है और एक दूसरे पर पूरा भरोसा करते है। पिता पुत्री की जोड़ी ने भी अपनी अपनी जिमेदारियाँ बखूबी निभाई। और एक दूसरे का मिशन में अच्छे से साथ दिया। वह दोनो लड़ाकू विमान पर उड़ान भरने के बाद जब उतरे तो उन्होंने अपनी एक फोटो खींची और उसे ट्विटर पर अपलोड किया गया। जिसके बाद वह पोस्ट इन पिता पुत्री की बहुत वायरल हुई। सोशल मीडिया की पावर को तो हम सब जानते ही है, किसी पोस्ट या फोटो को वायरल होने में बहुत जायदा समय नहीं लगता है। ऐसे ही इनकी भी पोस्ट वायरल हुई और पूरे देश में सब उन्हे जानने लगे।

**रचा इतिहास……

पिता और पुत्री की इस जोड़ी ने एक लड़ाकू विमान उड़ाने के बाद एक नया इतिहास रचा है। वायु सेना के अनुसार ऐसा पहला कभी नही हुआ है। संजय शर्मा और अनन्य शर्मा ने ही यह पहला इतिहास रचा है। जो इन दोनो के लिए ही गर्व की बात है। बल्कि सिर्फ इन दोनो के लिए ही नही पूरे देश के लिए यह गर्व की बात थी। पूरे देश ने ऐसा पहली बार देखा था। और पूरे देश ने यह भी कहा है कि यह बाकी लोगो के लिए एक प्रेरणा है। और एक नया इतिहास रचने के साथ साथ एक नई शुरुवात भी है। इससे बहुत अन्य लोग प्रेरित होंगे। और आगे वायु सेना में ही नही बल्कि और बहुत सी फील्ड में ऐसी कई जोड़ियां देखने को मिलेंगी। और यह कमोडोर संजय शर्मा और फ्लाइंग ऑफिसर अनन्य शर्मा दोनो के लिए बहुत गर्व की बात है।

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**कबसे है इस फील्ड में………

पिता पुत्री की जोड़ी के अनुसार पिता कमोडोर संजय शर्मा ने वायु सेना में 1989 को ज्वाइन किया था। इसके हिसाब से उन्हे इस फील्ड में लगभग 33 साल का अनुमान हो चुका है। उन्होंने वायु सेना में इतने साल बिताए है। उन्हे लड़ाकू विमान चलाने के कई तरीके पता है। और इस फील्ड में इतने साल नौकरी करने का अनुभव भी है। जबकि उनकी बेटी अनन्य शर्मा एक फ्लाइंग ऑफिसर है। इन्होंने वायु सेना को 2021 में ज्वाइन किया। अभी इनके सीखने के लिए बहुत कुछ बाकी है। इन्होंने 30 मई, 2022 को कर्नाटका के बिदर से पहले लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। और यह उड़ान उन्होंने अपने सीनियर के साथ भरी जो कि इनके खुद के पिता जी है। यह इन दोनो के लिए बहुत गर्व की बात थी।

**प्रेरणा……

पिता संजय शर्मा और बेटी अनन्य शर्मा दोनो से हमे बहुत कुछ सीखने को मिलता हैं। आज दोनो ने एक ही फील्ड में एक ही लड़ाकू विमान पर अपना मिशन पूरा करने के बाद सभी को बहुत प्रेरित किया है। उन्होंने साथ एक लड़ाकू विमान पर उड़ान भरने के बाद एक नया इतिहास तो बनाया ही है। क्योंकि वायु सेना में ऐसा पहले कभी भी नही हुआ है। इसी के साथ साथ उन्होंने अपनी फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करके अन्य लोगो को प्रेरित किया हैं। दोनो के लिए यह पल गर्व का था और दोनो के लिए ही नही बल्कि पूरे देश के लिए यह गर्व महसूस करने का मोका था। सबसे जायदा संजय शर्मा के लिए यह खुशी का पल था। जब बच्चे सीने से सीना मिलाकर चलने लगे तो मां बाप के लिए वह पल बहुत खुशी का होता है। उन्हे सबसे जायदा गर्व अपने बच्चो पर उसी समय होता है।

4 COMMENTS

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