गमले में लगने वाले पौधे दिखेंगे बड़े पेड़ जैसे, ऐसे बनाएं बोनसाई प्लांट्स

3913
grow bonsai at your home, learn how

बोनसाई नाम सुनते ही हमारे जहन में में खूबसूरत छोटे-छोटे पौधे आ जाते है जिसके बारे में सोच कर ही हमारा मन प्रफुल्लित हो जाता है, आज हम आपको बोनसाई पौधे लगाने की विधि के बारे में आपको बताएंगे, जिसका आपका घर और भी खूबसूरत हो जाए।

किसी भी पौधे का बना सकते है बोनसाई-

आपको ये बात हम बता दे कि आप किसी भी पौधे को बोनसाई बना सकते है, जो आपके इलाके में आसानी से उग जाए, आप फल-फूल के पौधे का भी उपयोग कर सकते है बोनसाई पौधे बनाने के लिए।

आपको इस बात की जानकारी हम दे दे कि बोनसाई पौधों की कोई अलग प्रजाति नही होती है बल्कि आप इसे पौधों के बीज से उगा सकते है। आप चाहे तो इसके लिए आप एयर लेयरिंग मेथड का भी इस्तेमाल कर सकते है, इस काम को और सहूलियत भरा करने के लिए आप चाहे तो नर्सरी से बोनसाई मटेरियल भी ले सकते है।

बोनसाई के अलग-अलग नाम-

आपको बता दे कि बोनसाई का कोई फिक्स स्टाइल नही होता है, इसे अलग-अलग स्टाइल के तर्ज पर अलग-अलग नाम दिया गया है जैसे- फॉर्मल स्टाइल, अम्ब्रेला स्टाइल, विपिंग स्टाइल आदि। इस प्रकार से इन बोनसाई पौधों के अलग-अलग नाम दिए गए है, ये आप पर निर्भर करता है कि आप अपनी क्रिएटिविटी के के जरिए कौन सा स्टाइल बनाते है।

बोनसाई बनाने की टेक्निक-

इस बात को आपको ध्यान में रखना होगा कि बोनसाई बनाने के लिए आपको सरफेस रुट चाहिए होगा, इन पौधे को विकसित होने के लिए वह गमला होगा जिसमें बहुत सारे छेद हो, क्योंकि इस गमले की वजह से आपको बहुत सारे रुट मिल जाते है जिससे कि हमारा बोनसाई स्टेबल हो जाता है।

आपको बता दे कि बोनसाई का मेंन इंग्रीडिएंट है ग्रेवल, आप चाहे तो छोटे-छोटे इट के टुकरे का भी उपयोग कर सकते है, आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपने जितना ग्रेवल लिया है उतना ही आपको मिट्टी लेना है और उसका आधा वर्मी कम्पोस्ट लेना है। इन सब चीज़ों को अच्छे से मिक्स करने के बाद आपका बोनसाई मिक्स तैयार हो जाएगा। इसके बाद आप किसी भी पौधे को इस बोनसाई मिक्स लगा दे और बढ़ने दे, जल्दी ही आपका बोनसाई तैयार हो जाएगा।

हम उम्मीद करते है कि हमारी इस जानकारी से आपको अवश्य लाभ होगा, आप भी अपने घर मे बोनसाई पौधे लगाए और अपने घर को खूबसूरत बनाएं।

अनामिका बिहार के एक छोटे से शहर छपरा से ताल्लुकात रखती हैं। अपनी पढाई के साथ साथ इनका समाजिक कार्यों में भी तुलनात्मक योगदान रहता है। नए लोगों से बात करना और उनके ज़िन्दगी के अनुभवों को साझा करना अनामिका को पसन्द है, जिसे यह कहानियों के माध्यम से अनेकों लोगों तक पहुंचाती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here