नौकरी करने के साथ ही घर की छत को बना दिया खेत, कई प्रकार की सब्जियों का उत्पादन करते हैं: Terrace Gardening

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Rajkumar Singh Rawat From Uttarakhand grows many types of vegetables by terrace gardening

गार्डेनिंग का शौंक तो हम सभी को होता है। और आज कल लोगो के बीच यह ट्रेंड बन गया है। कई लोग पेड़ पौधों को महत्व उनकी विशेषताओं की वजह से देते है, तो कई उनकी सुंदरता और चलते ट्रेंड के कारण पेड़ पौधों को महत्व देते है। लोग अपनी रोज मरा की जिंदगी से समय निकाल कर पेड़ पौधों में अपना समय लगाते है। जैसा की हम सब जानते हैं कि पेड़ पौधों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। यह हमे जीवन प्रदान करते है। तो हमारा भी यह फर्ज़ बनता है, कि हम पेड़ पौधों को अपनी छोटी से छोटी से जरूरत के लिए न काटे और अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाए। आज कल लोगो में यह ट्रेंड बन गया है। लोग अपने घरों में पेड़ पौधे लगाते है। परंतु सिर्फ उनकी सुंदरता के लिए जिनमे से कुछ ही लोग ऐसे होते है जो की पेड़ पौधों से सच में लगाव रखते है। आज कल लोग अपनी रोजमरा की जिंदगी में इतने व्यस्त हो गए है कि वह चाह कर भी पेड़ पौधों का ध्यान नहीं रखते है। उनकी जिंदगी में हर चीज का समय बट गया है। परंतु बहुत कम लोग ऐसे होते है जो अपना समय पेड़ पौधों को भी देते है। आज हम बात करेंगे एक ऐसे ही व्यक्ति की जो नौकरी के साथ साथ पेड़ पौधों का भी ध्यान रखते थे। आइए जानते है इनकी कहानी…..

**कौन है वह शख्स….

जिनके बारे में आज हम बात करने जा रहे हैं, उनका नाम है राजकुमार सिंह रावत। यह उत्तराखंड के रहने वाले है। इनके पिता फौज में थे। उनके पिता की पोस्टिंग के कारण उन्हे कई राज्यों में रहने का मोका मिला। जिसमे से एक राज्य था पंजाब। और वहा उनके पिता की पोस्टिंग थोड़े लंबे समय तक की गई थी। तब उन्हे पंजाब में खेती को करीब से देखने का मोका मिला। और वही उन्हे पेड़ पौधों से लगाव हो गया। उन्हे पेड़ पौधों से इतना प्रेम है कि आज वह नौकरी के साथ साथ अपने घर की छत पर गार्डेनिंग कर रहे है। नही तो लोग पूरे दिन की नौकरी के बाद आराम करना पसंद करते है। परंतु राजकुमार अपनी नौकरी से लौटने के बाद पेड़ पौधों में अपना समय बिताते है।

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**कैसे हुई गार्डेनिंग की शुरुवात……

राजकुमार को गार्डेनिंग का शौंक बचपन से ही था। परंतु उन्हे गार्डेनिंग शुरू करने का कोई अवसर नहीं मिल रहा था। परिवार की जिमेवरियों के कारण वह गार्डेनिंग की शुरुवात नही कर पा रहे थें। राजकुमार गुड़गांव में एक एमएनसी में नौकरी करते है। तो लॉकडॉन के समय ने उन्हे गार्डेनिंग करने का मोका दिया। हम सब जानते हैं कि कोरोना के समय जब लॉकडाउन लगाया गया था तो हम सब घर पर पूरी तरह से खाली रहा करते थे। इसी का फायदा राजकुमार ने उठाते हुए अपने घर की छत पर खेती करना शुरू कर दिया। वह अपनी छत पर फल सब्जियों के पेड़ पौधे लगाने लगे। और उनका पूरा ध्यान रखते। पूरा दिन वह पेड़ पौधों के बीच ही अपना समय बिताया करते थे। और ऐसा नहीं है कि लॉकडोन हटने के बाद उन्होंने पेड़ पौधों पर ध्यान न दिया हो। आज भी वह नौकरी से लौटकर पेड़ पौधों में अपन समय बिताते है। और उनका पूरा ध्यान रखते है।

Rajkumar Singh Rawat From Uttarakhand grows many types of vegetables by terrace gardening

**उगाते है सब्जियां…..

राजकुमार अपने घर की छत पर सब्जियां भी उगाते है। जो कि केमिकल फ्री होती है। क्योंकि राजकुमार पेड़ पौधों में किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं करते हैं। उनकी छत पर इतने पेड़ पौधे हो गए है कि चिड़िया भी उनके घर की छत पर बने पेड़ो पर अपना घोंसला बनाती है। और उनकी खेती से इतनी सब्जियां उगती है कि उन्हे बाहर से सब्जियां खरीदने की जरूरत नही पड़ती और वह घर में अपनी ही छत की खेती से उगाई हुई सब्जियों का इस्तेमाल करते है। यही ही नही राजकुमार के पूरे परिवार वाले छत पर करी गई खेती का पूरा ध्यान रखते थे। जब राजकुमार नौकरी पर जाया करते तो उनके घर के अन्य सदस्य पेड़ पौधों को पानी डालते और उनका अच्छे से ध्यान रखते। यहा तक की छोटे बच्चो को भी पेड़ पौधों से बहुत लगाव होने लगा था।

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**गार्डेनिंग टिप्स…..

कई साल लगातार गार्डेनिंग करने के दौरान राजकुमार को गार्डेनिंग का बहुत ज्ञान हो गया था। वह आस पास के लोगो को गार्डेनिंग की बहुत अच्छी टिप्स दिया करते थे। जो लोगो को मदद भी करती थी। वह कहा करते थे कि पेड़ पौधे हमे जीवन देते है। तो हमारा भी उनके प्रति फर्ज बनता है कि हम भी जितना हो सके उतने पेड़ पोधे लगाए। यह करना बिलकुल भी मुश्किल नहीं है। बस पूरे दिन में थोड़ा सा समय निकालने की आवश्यकता होती है। वह सब्जियों की खेती के बारे में बताते हुए कहते है कि जिस तरह हर चीज का समय होता है। उसी तरह सब्जियों के बीज डालने से लेकर उनके उगने तक का भी समय होता है। जिसका हमे ध्यान रखना पड़ता है। और हमें जोश में बहुत अधिक पेड़ पौधे भी नही लगाने चाहिए जिससे बाद में हम उन्हे उतना समय न दे पाए और वह नष्ट हो जाएं। तो जितना हमसे हो सके हमे उतना ही करना चाहिए।

**प्रेरणा….

आज कल हम सभी लोग गार्डेनिंग का शौंक तो रखते हैं। घरों में पौधे भी लगाते है। परंतु उन्हे लगाने के बाद उनका ध्यान नहीं रखते है। जिसके कारण वह नष्ट हो जाते है। जो बिल्कुल सही नही है। हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिमेवरियो को समझना चाहिए। और इसके अलावा जो प्रदूषण की मात्रा दिन भर बढ़ती जा रही है। उसे भी हम सबको मिलकर कम करना चाहिए क्योंकि वह पेड़ पौधों के लिए बहुत हानिकारक है। और उनके लिए ही नही बल्कि पक्षियों, जानवरो और हम सबके लिए बढ़ता प्रदूषण बहुत हानिकारक है। हमे अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए और उनका ध्यान भी रखना चाहिए। राजकुमार जैसे लोग हम सबके लिए प्रेरणा है। भले ही वह पूरा दिन नौकरी करके थके हुए लौट ते थे। परंतु पेड़ पौधों का ध्यान रखना वह कभी नही भूलते थे। और उन्होंने हार रोज का नियम बनाया हुआ था कि वह रोज नौकरी से लौटकर अपने घर की छत पर लगाए पेड़ पौधों को अपना समय दिया करेंगे।

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