इन तरीकों से करें इंडोर प्लांट्स की देखभाल, जानिए कितनी मात्रा में होती है पानी की जरूरत

1757
Steps for caring indoor plants

आजकल अधिकतर लोगों का शौक बगानी करना हो गया है लेकिन जिन लोगों के पास कम स्थान है, वे अपने इस शौक को दबाए रखे हताश होते हैं। आज हम उन लोगों के लिए यह लेख लेकर आए हैं, जो कम स्थान में भी पौधों को लगाकर अपने शौक पूरे कर सकते हैं।

अगर आप पौधों को लगाना चाहते हैं, तो आपको इस बात की बेहतर समझ चाहिए कि आप गमले में किस तरह पौधों को लगाकर अपने टेरेंस, बालकनी और आंगन को सुशोभित बना सकते हैं।

Steps for caring indoor plants

मिट्टी की करें खुदाई

हम सब ने बगीचे में यह देखा है कि बाग में निगरानी करने वाले माली पेड़ों के जड़ों के नीचे मिट्टी की खुदाई करता है, ताकि जड़ों को आसानी से ऑक्सीज़न और हवा मिल पाए। अगर हमने अपने घर में पौधों को गमले में लगया है कि उसकी खुदाई के वक़्त ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि गमले की मिट्टी बहुत नर्म होती है।

Steps for caring indoor plants

पौधों की कटाई भी है जरूरी

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे हेयर के ग्रोथ के लिए कटिंग जरूरी है। उसी तरह पौधों के ग्रोथ के लिए उनकी भी कटिंग यानि ट्रिमिंग जरूरी है। आप इस बात का ध्यान रखें कि जब पौधे ग्रोथ ना कर रहे हो, तो उनकी कटाई करें। पौधों की ट्रिमिंग 30-45 दिन में मात्र 1 बार ही करनी चाहिए।

बेल नुमा पौधों का किस तरह रखें ध्यान

अक्सर घरों में बेल नुमा पौधा जैसे तुरई, खीरा और लौकी लगी है, तो उनकी ट्रिमिंग के लिए साइड ग्रोथ को चुनना चाहिए। साइड ग्रोथ का मतलब हुआ कि फल या सब्जी के पौधों में फ्रूट फ्लावर के साइड में पत्तियों का उगना। इस बात को घ्यान में रखना है कि फ्रूट फ्लावर की कटिंग भूल से भी ना हो नहीं तो हमें फल या सब्जियों का लाभ नहीं मिलेगा।

Steps for caring indoor plants

पौधों में डालें फर्टिलाइजर

अगर आपने घर में पौधों को लगाया है, तो जब भी जड़ों की खुदाई करें फर्टिलाइजर अवश्य डालें। लगभग 20-30 दिनों के अंतराल में इस कार्य को करते रहना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि गमले की साइज़ कितनी है उसी अनुसार आप फर्टिलाइजर का उपयोग करें।

Steps for caring indoor plants

कब होती है पौधों को पानी की आवश्यकता?

पौधों की सिंचाई के लिए हमेशा ही सुबह का समय सही रहता है। अगर आप भूलकर भी शाम को पानी डालेंगे तो पानी सुबह तक उसमें जमा रहेगा जिससे पौधे गल भी सकते हैं। वही अगर पौधे की पत्तियां बड़ी हो चुकी हैं तो उनमें अधिक पानी की आवश्यकता नहीं इसके उनपर सिर्फ पानी का छिड़काव करना चाहिए।

kheti trend को उम्मीद है इंडोर प्लांट का ध्यान किस तरह रखें उसकी जानकारी उनके पाठकों को मिल गई होगी।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here