घर खर्च चलाने के लिए दूसरों के घरों में काम की, कम उम्र में शादी होने के बाद भी अपने आईडिया पर काम कर लाखों की मालकिन बनी

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inspiring and struggle story of pabiban rabari

आज हर जगह और हर छेत्र में इतनी प्रतियोगिता हो गयी है कि बहुत पढ़े लोगो को भी नौकरी नही मिल पा ही है, तो इस वक़्त बिना पढ़े लोगो की स्थिति कितनी दयनीय होगी ये किसी से छुपी हुई नही है, परन्तु ये भी सत्य है कि अगर आपमें कुछ सीखने की इक्छा हो तो आप बहुत कुछ कर सकते है, आज हम आपको ऐसी ही महिला के बारे में बताएंगे जो समस्याओं से लड़ कर कामयाब बनी है।

पाबिबेन रबारी का परिचय-

पाबिबेन गुजरात के कच्छ की रहने वाली है, उन्होंने अपने जीवन मे काफी परेशानियों का सामना किया है परन्तु कभी भी हार नही मानी है, जब वो सिर्फ 5 साल की थी तो उनके पिता का निधन हो गया उसके बाद उनकी पढ़ाई चौथी कक्षा में छूट गयी, पाबिबेन अपनी तीन बहनों में सबसे बड़ी थी, उनकी माँ दूसरों के घरों में काम करके अपने घर का खर्च चलाती थी जिसमे पाबिबेन ने भी अपने माँ का बराबर हाथ बटाती थीं।

संघर्षों भरा जीवन-

पाबिबेन का जीवन बहुत ही संघर्ष पूर्ण रहा है, वो दुसरो के घरों में काम करती थीं, खेतों में कुदाल चलाती थी, परन्तु उनमें एक खास बात ये थी कि वो कभी भी समस्याओं से घबराई नही औए हमेशा कुछ न कुछ सीखती गयी। वो खुद तो आगे बढ़ी ही इसके साथ ही वो अपने साथ 200 से अधिक महिलाओं को भी जोड़ा अपने साथ और उन्हें रोजगार भी दिया। आपको जान कर हैरानी होगी कि उनके काम की डिमांड 40 से अधिक देशों में है और उनकी कंपनी का टर्नओवर लगभग 30 लाख है।

कम उम्र में हुई शादी-

पाबिबेन की शादी कम उम्र में हो गयी थी छत्तीसगढ़ में, उनके पति भेड़-बकरी चलाने का काम करते थे वहां उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नही थी इसलिए वो अपने पत्ती के साथ गुजरात आ गयी। गुजरात आने के बाद उनके पति ने किराने की दुकान शुरू की और उन्होंने ट्रेडिशनल कढ़ाई-बुनाई का काम शुरू किया, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी होने लगीं।

खुद का काम शुरू किया-

कुछ समय बाद पाबिबेन एक कढ़ाई-बुनाई वाली संस्था से जुड़ गई, परन्तु यहाँ दिक्कत ये थीं कि उन्हें यहाँ पैसे मिलते थे क्रेडिट नही।कुछ समय बाद उन्होंने अपने एक दोस्त की मदद से अपना काम और उसकी मार्केटिंग शुरू की, उसके बाद उन्हीने एग्जीबिशन में जाना शुरू किया और अपने साथ और भी महिलाओं को जोड़ लिया और सोशल मीडिया के जरिए अपने काम की मार्केटिंग शुरू किया।

उसके बाद ऑनलाइन एप्स और रिटेलर्स भी उनके साथ जुड़े आपको जान के हैरानी होगी कि उनके प्रोडक्ट को हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनो जगह बहुत मांग है, इसके साथ ही उन्हें नेशनल और इंटरनेशनल जगह भी संम्मान मिल चुका है, उन्हें प्रधानमंत्री मोदी भी सम्मानित कर चुके है और पाबिबेन KBC के मंच पर भी पहुँच चुकी है।

हम पाबिबेन की सराहना करते है कि उन्होंने अपने मेहनत और संघर्ष से अपने देश का नाम रौशन किया, हमारी तरफ से उन्हें ढ़ेर सारी शुभकामनाएं।

अनामिका बिहार के एक छोटे से शहर छपरा से ताल्लुकात रखती हैं। अपनी पढाई के साथ साथ इनका समाजिक कार्यों में भी तुलनात्मक योगदान रहता है। नए लोगों से बात करना और उनके ज़िन्दगी के अनुभवों को साझा करना अनामिका को पसन्द है, जिसे यह कहानियों के माध्यम से अनेकों लोगों तक पहुंचाती हैं।

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