पिता करते थे दर्जी का काम, खुद बेची अखबार, दोस्त से नोट्स उधार लेकर तैयारी की और बन गए IAS

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Success Story of IAS Nirish Rajput

आए दिन हम कही खबरे युवाओं के आईएएस (IAS) बनने की सुनते है। लेकिन क्या हम सब जानते हैं की यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा को पास करना इतना आसान नहीं है जितना हमे सुनने में लगता हैं। यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा एक ऐसी परीक्षा है जो भारत की सबसे कठिन परीक्षा में से एक मानी जाती हैं कहा जाता है की इस परीक्षा को पास करना हर किसी के बस की बात नही होती। क्युकी इस परीक्षा को पास सिर्फ वही युवा कर सकता हैं जिसमे आई हुई हर चुनौतियों का समाना करने का जुनून हो। क्युकी अपनी जिंदगी में सफलता सिर्फ उसी को मिलती हैं जिसके हौसले काफी बुलंद होते है। क्युकी बिना किसी मेहनत के सफलता को हासिल करना नामुमकिन किसी भी काम को पाने के लिए सबसे जरूरी होती है मेहनत। आए साल यूपीएससी की परीक्षा को सरकार द्वारा आयोजित करवाया जाता हैं लेकिन उसमे से सिर्फ वही बच्चे यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा पास करते है जिन्होने दिन रात बैठ कर मेहनत कर दिल से पढ़ाई की होती है।

आज हम आपको एक ऐसे ही युवा की कहानी बताएंगे। जिसने अपनी सफलता के बीच आई कही परिस्थितियों का सामना किया। लेकिन उस युवा ने कभी भी अपनी मुश्किल को अपने लक्ष्य पर हावी नहीं होने दिया। जिससे आज उन्होंने यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा पास कर यह साबित किया की मुश्किलें कितनी भी क्यो न आज जाए। अगर इरादे सच्चे है तो एक न एक दिन मंजिल जरूर हमारे कदम चूमती हैं। ऐसी ही आज इस युवा की कहानी। जिसमे बारे में जानते हैं…..

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**कौन हैं वह युवा……

आज हम जिस युवा की बात कर रहे है उसका नाम निरीश राजपूत (Nirish Rajput) है जो मध्य प्रदेश (Madhay pradesh) के रहने वाले है। निरीश राजपूत जिनकी जिंदगी काफी मुश्किलों भरी थी लेकिन इनकी हिम्मत और मेहनत से इन्होंने अपनी जिंदगी बिलकुल ही बदल डाली थी। निराश का कहना था की उनका घर की स्थिति बेहद ही खराब थी उनके पास पढ़ाई करने तक के पैसे भी नही थे लेकिन उन्हे पता था की उनकी जिंदगी उनके इम्तेहान ले रही है। निरिश अपने सफर में काफी मुश्किल होने के बाद भी चलते जा रहे थे क्युकी वह जानते थे की उनको एक न एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। आपको बता दे की निरिश जिनके घर में इनके पिता थे जो परिवार का घर खर्च दर्जी का काम कर चलाते थे। अपने घर के हालात को देखते हुए। निरीश कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे उनके घर के हालात और उनकी जिंदगी में सुधार आए। जिसके बाद उन्हे भारत की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी (UPSC) के बारे में पता चला और वह अब चाहते थे की वह यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस (IAS) अफसर के पद को हासिल करेंगे।

**शुरू की मेहनत…….

जब निरिश ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस बनाना चाह। तो वह उसकी तैयारी में लग गए। क्युकी वह चाहते थे की वह मेहनत कर इस परीक्षा को किसी न किसी तरह पास कर अच्छे रैंक हासिल करे। आपको बता दे की निरिश को पढ़ाई में काफी शौक होने के कारण उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी पूरी लगन और मेहनत से शुरू की। यह तक इनकी लगन इस हद तक थी की आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण इन्होंने कोचिंग सेंटर से पढ़ाई न करते हुए। खुद से पढ़ाई करने का सोचा। क्युकी कहते है न अगर मेहनत सच्ची है तो कोई भी परिस्थिति ज्यादा देर तक नही टिक सकती। इसी तरह निरिश ने भी अपनी सफलता को हासिल करने के लिए काफी संघर्ष किए।

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**दोस्त ने तोड़ा विश्वास……..

जब किसी की जिंदगी में पहले ही काफी मुश्किल आ रही होती है तो भगवान भी उसकी और परीक्षा लेने लगता हैं और कहते है दोस्त तो एक ऐसी चाबी होती हैं जिससे हर मुश्किल के ताले खुल जाते है लेकिन नीरिश को अपने ही दोस्त से ऐसा धोका मिला। जिसके बाद वह काफी टूट से गए थे। निरिश का कहना है की उनके दोस्त ने उनको वादा करते हुए अपनी कोचिंग सेंटर पे बच्चो को यूपीएससी की तैयारी करवाने के बदले उन्हें उनकी पढ़ाई के नोट्स देंगे। जिसके बाद निरिश ने उनका यह ऑफर स्वीकार कर बच्चो को कोचिंग सेंटर पे पढ़ाने लगे। लेकिन यह भी निरिश की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। काफी उंचाई मिल जाने के बाद उनके दोस्त ने उनसे किया वादे को नही निभाया और उन्हे अपने कोचिंग सेंटर से निकाल दिया।

** नही मानी हार……

इतनी मुश्किल आने के बाद भी निरिश ने हार ना मानते हुए। अपने सफर में आगे बड़ने का फैसला लिया। दोस्त द्वारा निकाले गए कोचिंग सेंटर के बाद उनके हालत और गंभीर होने लगे। क्युकी उनके पास अब उनके पढ़ाई के लिए पैसे बिलकुल नहीं थे। जिसके बाद वह हार ना मानते हुए अखबार बेचने का शुरू किया। जिससे उनकी फीस जुड़ सके। जिसके बाद वह दिल्ली चले गए और वही यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी अपने दोस्त से नोट्स उधर लेकर की।

**तीन प्रयास के बाद मिली सफलता…….

भगवान भी उन्ही की परीक्षा लेते हैं जो आई किसी भी मुश्किलों के आगे हार नही मानते। ऐसे ही भगवान भी निरीश की हर जगह जगह पर परीक्षा ले रहे थे। इतनी मुश्किलों के बाद भी निरीश ने अपने पैर पीछे नहीं हटाए। इतनी मेहनत के बाद भी निरीश को तीन प्रयास में असफलता ही मिली। लेकिन काफी मेहनत और लगन के बाद उन्हें सफलता हासिल हुई और यूपीएससी की परीक्षा पास कर 360 वी रैंक प्राप्त की।

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