आदिवासी बेटे ने किया मां का सपना पूरा, पहले ही प्रयास में UPSC की परीक्षा में हासिल की सफलता: प्रेरणा

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Success story of tribal boy Prashant Suresh Dagle who cracked UPSC CSE Exam in first attempt

असल जिंदगी में वही इंसान जीतता हैं जिसके सपनो में काफी जुनून होता हैं। क्युकी सपने तो हर कोई देखता हैं लेकिन उनमें से कुछ ही जनों के सपने अपनी मंजिल तक पहुंचते हैं। कुछ सपने ऐसे भी होते हैं जिससे सच करना हर किसी की बस की बात नही होती। आज कल की युवा पीढ़ी जो पढ़ाई करते करते आईएएस (IAS) बनने के सपने देखती हैं। क्युकी हर युवा चाहता हैं की वो एक ऐसी नौकरी हासिल करे जहा कमाई और नाम हो। जिसको ले कर हर कोई आईएएस बनने के सपने देखने लगता हैं। हमारे भारत में यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा सबसे कठिन परीक्षा में से एक मानी जाती हैं। जिसमे आए हर साल लाखों बच्चे इस परीक्षा को देने आते हैं और साथ कुछ कर बन दिखाने का सपना लाते हैं लेकिन इस परीक्षा को पास करने के लिए बच्चे को दिन रात एक कर पढ़ना होता हैं जो हर किसी के बस की बात नही होती। इसलिए सफलता अंत में वही बच्चा हासिल करता हैं जिसने कड़ी मेहनत मन लगा कर और दिन रात पढ़ाई की होती हैं

आज हम एक ऐसे ही युवा की बात करेंगे। जिसने अपनी माता के सपने के लिए जी तोड़ मेहनत की और काफी संघर्ष कर अपनी सफलता हासिल की। आज इस युवा ने यूपीएससी की परीक्षा को पास किया और अपनी माता को वो सारी खुशियां दी जो उम्मीद उसकी माता ने अपने बेटे से रखी थी।

** कौन हैं वे युवा……

आज हम जिसकी बात कर रहे है उनका नाम प्रशांत सुरेश डगले (Prashant Suresh Dangale) है जो महाराष्ट्र (Maharastra) के एक आदिवासी परिवार के रहने वाले है। आज प्रशांत जिन्होने एक ऐसी परीक्षा में सफलता पाई है जिसमे सफलता पाना काफी मुश्किल हैं लेकिन प्रशांत हार ना मानते हुए अपनी मंजिल की और चलते गए और देश में अपनी एक अलग पहचान बना ली। जिसके बाद अब प्रशांत काफी चर्चा में हैं। प्रशांत जिनके पिता का नाम सुरेश महादु डगले (Suresh Mahadu Dagale) जो नासिक (Nasik) में एक एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट (Agriculture Department) में काम करते है। वही प्रशांत की माता हाउसवाइफ (Housewife) है आज प्रशांत ने अपने माता पिता का नाम रोशन कर उन्हे काफी गर्व महसूस करवा रहे हैं।

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**पढ़ाई में रखते थे काफी रुचि……

प्रशांत जो आज एक आईएएस अफसर (IAS Officer) है जो बचपन से ही पढ़ाई में काफी रुचि रखते आए है प्रशांत का कहना है की उन्हे बचपन से ही पढ़ने का काफी शौक था वह चाहते थे की वह बड़े होकर कुछ ऐसा करे। जिनसे उनकी एक अलग पहचान बने। उन्होंने अपनी 6 से 12 तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय, खेड़गांव नासिक से पूरी की थी। 12 वी कक्षा में उन्होंने जी तोड़ मेहनत कर अच्छे मार्क्स हासिल किए। जिससे वह अपनी आगे की पढ़ाई काफी अच्छी जगह से करे।

Success story of tribal boy Prashant Suresh Dagle who cracked UPSC CSE Exam in first attempt

**मां चाहती थी की बेटा पास करे यूपीएससी की परीक्षा….

हर माता–पिता अपने सपने छोड़ अपने बच्चो के सपनो को पूरा करने में लग जाते है। क्युकी उनका मानना है को जो काम हम नही कर सके वो हमारे बच्चे कर हमारे सपने को पूरा करेंगे। ठीक इसी तरह प्रशांत की मां जो काफी पढ़ी लिखी महिला है। उस समय जब उनकी मां ने पढ़ाई की तो वो अपनी गांव की पहली ग्रेजुएट महिला थी। जिसके बाद वह चाहती थी की वह आगे पढ़ लिख कर अफसर बने और अपनी एक अलग पहचान बनाए। लेकिन परिस्थितियों के कारण उनकी मां आगे नहीं पढ़ पाई और न उनका अफसर बनने का सपना पूरा नहीं हुआ। जिसके बाद वह चाहती थी की उनका सपना उनका बेटा अफसर बन के पूरा करे । जिसके बाद उन्होंने प्रशांत के सफर में सबसे ज्यादा साथ उनकी माता ने दिया। जो उनके लिए एक प्रेरणा बन उनके सामने आई हर परिस्थिति में उनको प्रोत्साहित कर उनकी मंजिल तक उन्हे पहुंचाया।

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**अच्छे अवसर ठुकराए और ध्यान दिया अपनी मंजिल पे…..

प्रशांत जो पढ़ने लिखने में काफी तेज थे उन्होंने अपनी पढ़ाई काफी लगन और मेहनत से की थी जैसे की हमने आपको बताया की 12वी में अच्छे मार्क्स आने के बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई अच्छी जगह से की। जहा उन्होंने अच्छे मार्क्स हासिल कर अच्छे नंबर पर डिग्री हासिल की। जिसके बाद उन्हें कही तरह के नौकरी के अवसर मिलने लगे। लेकिन उनके मन में सिर्फ यूपीएससी की परीक्षा को पास करना था। क्युकी उन्हे अपनी माता के सपने को पूरा करना था। उन्होंने अपने सफर में किसी भी चीज को बाधा नहीं बनने दिया। जिसकी बदौलत आज उनके द्वारा की गई मेहनत आज सफल हुई और आज वह UPSC CSE 2021 में 583वीं रैंक हासिल कर अपनी माता का सपना पूरा कर । अपने पूरे परिवार को के साथ पूरे गांव वह देश को गर्व महसूस करवाया।

आज प्रशांत ने एक ऐसी सफलता हासिल की हैं जिसमे वो देश की सेवा कर उनकी सहयाता करेंगे। साथ ही साथ उनको इस सफलता को ले कर उनके घर में खुशी का माहौल बना हुआ और माता पिता अपनी बच्चे की कामयाबी पे अपनी खुशी व्यक्त कर रहें हैं।

**ग्रामीण भारत के लिए देंगे अपना सहयोग……

प्रशांत का कहना है की वह जब स्कूल में पढ़ते थे तो वहा आने वाले बच्चो को कही तरह की समय देखनी पड़ती थी। जिसे देख उन्हे उन समस्या का हल निकालने के लिए उत्सुकता रहती थी। लेकिन अब प्रशांत ने बताया की आगे कभी उन्हे इन समय पर काम करने का मौका मिला तो वह इस समस्या को जरूर हल करेंगे।

**प्रेरणा……

आज कल के बच्चे अपने माता पिता की सपने को पूरा न करते हुए । अपने मन चाहे सपने को पूरा करते हैं। लेकिन प्रशांत आज सब युवा के लिए प्रेरणा बन सबको प्रोत्साहित कर रहे। वे साथ ही साथ उन्होंने यह बताया की मंजिल के सफर में आई कोई भी परिस्थिति नामुमकिन नहीं होती। हर मुश्किल का हल निकाल कर हम अपनी मंजिल को हासिल कर सकते हैं।

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